अथ गोत्रावली -- गोत्रों के अनुसार प्रवरादी का निरूपण -- द्वितीय चरण !!

Swami Shri Dhananjay ji Maharaj.
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जय श्रीमन्नारायण,


अथ गोत्रावली -- गोत्रों के अनुसार प्रवरादी का निरूपण -- द्वितीय चरण !!

गोत्र --------- प्रवर संख्या ----- वेद -- उपवेद --- शाखा --- सूत्र --- छंद --- शिखा --- पाद ---- कुलदेवता !!! 
करण ----- ३ ---- यजुर्वेद -- धनुर्वेद -- माध्यन्दिनी --- कात्यायन -- अनुष्टुप -- दक्षिण -- दक्षिण - - शिव !! 




ये दूसरा चरण है, आगे के गोत्रों के विषय में कल बतायेंगें, अगर आपको अपने गोत्र - प्रवरादी तथा प्रवर के नाम चाहिएं तो पोस्ट पर अपना कमेन्ट दें !!

!! नमों नारायणाय !!
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