प्रियतम कन्हैया से प्रेमभरी शायरियां ।।

Bhagwat Pravakta- Swami Dhananjay Maharaj
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प्रियतम कन्हैया से प्रेमभरी शायरियां ।। Pritam Ko Prembhari Shayari.


मेरे प्यारे कन्हैया! मेरे प्रियतम कान्हा जी!

कसूर तो था ही मेरी इन निगाहों का ।
जो चुपके से प्रियतम तेरा दीदार कर बैठा ।।
हमने तो खामोश रहने की ठानी ली थी ।
पर ये बेवफा मेरी ज़ुबान इज़हार कर बैठा ।।



तू हमसफ़र, तू हम डगर, तू हमराज, नजर आता है ।
मेरी अधूरी सी जिंदगी का.. ख्वाब नजर तूं आता है ।।
कैसी उदास है जिंदगी प्रियतम तेरे बिन हर लम्हा ।
मेरे हर लम्हे में सिर्फ तेरा ही अहसास नजर आता है ।।


कभी तो आ भी जाओ प्रियतम ! क्योंकि प्यारे ! आपके बिना हमारा कोई आस्तित्व ही नहीं बचता ।।

।। नारायण सभी का कल्याण करें ।।




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जयतु संस्कृतम् जयतु भारतम् ।।

।। नमों नारायण ।।
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