मैं दिल हूँ तुम मेरी साँसे हो ।। mai dil hun tum meri sanse ho

Bhagwat Pravakta- Swami Dhananjay Maharaj
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मैं दिल हूँ तुम मेरी साँसे हो ।। mai dil hun tum meri sanse ho

जय श्रीमन्नारायण,
प्यारे कन्हैया,

मैं दिल हूँ तुम मेरी साँसे हो ।। मैं जिस्म हूँ तुम मेरी जान हो ।। मैं चाहत हूँ तुम मेरी इबादत हो ।। मैं नशा हूँ तुम मेरी आदत हो प्यारे ।।

 

क्योंकि प्यारे आपके बिना हमारा कोई आस्तित्व ही नहीं बचता ।।

 

जय जय श्री राधे ।। जय श्रीमन्नारायण ।।

 

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