मुख्यपृष्ठ Shayariya मैं दिल हूँ तुम मेरी साँसे हो ।। mai dil hun tum meri sanse ho मैं दिल हूँ तुम मेरी साँसे हो ।। mai dil hun tum meri sanse ho By -Bhagwat Pravakta- Swami Dhananjay Maharaj 12:21:00 pm 0 मैं दिल हूँ तुम मेरी साँसे हो ।। mai dil hun tum meri sanse ho जय श्रीमन्नारायण, प्यारे कन्हैया, मैं दिल हूँ तुम मेरी साँसे हो ।। मैं जिस्म हूँ तुम मेरी जान हो ।। मैं चाहत हूँ तुम मेरी इबादत हो ।। मैं नशा हूँ तुम मेरी आदत हो प्यारे ।। क्योंकि प्यारे आपके बिना हमारा कोई आस्तित्व ही नहीं बचता ।। जय जय श्री राधे ।। जय श्रीमन्नारायण ।। Tags: Shayariya और नया पुराने