उसकी किस्मत में मेरी भी जान लिख दे ।। Usaki Kismat Me Meri Bhi Jaan Likh De.
जय श्रीमन्नारायण,
मेरे प्यारे कन्हैया जी, मेरे प्रियतम कान्हा जी !
कभी तो आ भी जाओ प्रियतम ! क्योंकि प्यारे !

जय श्रीमन्नारायण,
मेरे प्यारे कन्हैया जी, मेरे प्रियतम कान्हा जी !
प्यारे ! तेरी आरजू में हम दीवाने हो गए ।
तुझे अपना बनाते बनाते खुद ही बेगाने हो गए ।।
कर ले सिर्फ एक बार मुझे याद अपने दिल से ।
तेरे दिल की आवाज़ सुने मुझको ज़माने हो गए ।।
उम्मीदें जुड़ी हैं तुझसे टूटने मत देना ।
मेरा दिल एक मोम है पिघलने मत देना ।।
दिल ने चाहा है गहराइयों से आज पता चला ।
इस दिल की धड़कन को कभी बंद होने मत देना ।।
चलते-चलते मेरे कदम हमेशा यही सोचते हैं ।
कि किस ओर जाऊं जो मुझे तूं मिल जाये ।।
हर एक नखरा तेरा मेरे दिल में आबाद हो जाये ।
तुझे मैं इतना देखूं कि तूं मेरा सदा के लिए हो जाये ।।
तकदीर लिखने वाले एक एहसान लिख दे ।
मेरे प्यारे की तकदीर में सिर्फ मुस्कान लिख दे ।।
ना हो कभी उदास जिंदगी में चेहरा उसका ।
भले ही उसकी किस्मत में मेरी जान भी लिख दे ।।
आपके बिना हमारा कोई आस्तित्व ही नहीं बचता ।।
।। नारायण सभी का कल्याण करें ।।
जयतु संस्कृतम् जयतु भारतम् ।।
जय जय श्री राधे ।।
जय श्रीमन्नारायण ।।
जय श्रीमन्नारायण ।।
